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नौ करोड़ रूपए की लागत से विभिन्न स्कूलों में बनने वाले नए भवनों के निर्माण कार्य की शुरूआत

Posted by : pramod goyal on : Saturday, 15 August 2020 0 comments
pramod goyal
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फरीदाबाद। हरियाणा के शिक्षा मंत्री कंवरपाल ने कहा कि गुणवत्तापरक शिक्षा के बल पर ही देश-प्रदेश की संस्कृति को संरक्षित रखा जा सकता है, इसलिए प्रदेश सरकार का प्रयास है कि स्कूलों में बच्चों को गुणवतापरक शिक्षा दी जाए। 
शिक्षा मंत्री ने यह वि
चार शुक्रवार को करीब नौ करोड़ रूपए की लागत से विभिन्न स्कूलों में बनने वाले नए भवनों के निर्माण कार्य की शुरूआत करने के दौरान व्यक्त किए। इस अवसर पर उनके साथ सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर भी उपस्थित थे। 
उन्होंने कहा कि समाज  के नवनिर्माण मे शिक्षा का अपना अलग महत्व होता है। प्रदेश सरकार ने गुणवत्तापरक शिक्षा को प्रभावी रूप देने के लिये अनेक शिक्षा योजनाएं शुरू की है, जिसके परिणामस्वरूप आज सरकारी स्कूलों में पहले से ज्यादा दाखिले हुए हैं। मॉडर्न संस्कृति स्कूल, 3 वर्ष तक के बच्चो के लिये प्ले स्कूल, स्कुलों मे पौष्टिक भोजन का वितरण जैसी योजनाओ के शामिल होने से भी निश्चित तौर पर जनाकांक्षाओं के अनुरूप सारगर्भित परिणाम सामने आयेंगे। नई शिक्षा प्रणाली की आमजन के बीच हो रही प्रशंसा भी इसी कड़ी का हिस्सा है। शिक्षा मंत्री ने आज गांव अनंगपुर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में चार मंजिला भवन के निर्माण कार्य की आधारशिला रखी। इसमें 35 कमरे बनाए जाएंगे, जिसमें दिव्यांग बच्चों के लिए 4 मंजिल तक रैम्प की सुविधा भी होगी, यह भवन 18 महीने में बनकर तैयार होगा। इस पर 4 करोड 60 लाख रुपये की लागत आएगी। इसके साथ ही उन्होंने 65 लाख की लागत से गांव गोछी स्थित स्कूल मंे 10 कमरों के दो मंजिला भवन तथा गांव फरीदपुर स्कूल में 3 करोड़ 43 लाख की लागत से बनने वाले 30 कमरों के भवन व सेक्टर-7 स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सिही मेंएक करोड़ की लागत से बनने वाले गल्र्स हॉस्टल का उद्घाटन किया, इसमें 100 छात्राओं के रहने की सुविधा, वार्डन रूम, डोरमैटरी, डाइनिंग हॉल, लाइब्रेरी शामिल है। इस अवसर पर उन्होंने पौधारोपण भी किया और आमजन का आह्वान करते हुए कहा कि पर्यावरण के दृष्टिगत अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण में सभी को अपनी भूमिका का निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में विकास के आयाम स्थापित किए जा रहे हैं। इसमें शिक्षा सुधार के साथ गुणवत्तापरक शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि शिक्षा ग्रहण करने वाले बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित किया जा है। 

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