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· COVID-19 के खतरे को शिक्षा के नए मॉडल में बदलने पर चर्चा

Posted by : pramod goyal on : Thursday, 9 July 2020 0 comments
pramod goyal
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दिल्ली, 9 जुलाई: एसोचैम के राष्ट्रीय शिक्षा परिषद द्वारा केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल के साथ शिक्षा संवाद का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में कोविड-19 के खतरे को शिक्षा के नए मॉडल में कैसे बदला जाए इसपर चर्चा की गई. ऑनलाइन आयोजित किए गए इस कार्यक्रम में देशभर से शिक्षा जगत से जुड़े 2000 से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया.
डॉ. रमेश पोखरियाल ने अपने संबोधन में सबसे पहले एसोचैम का धन्यवाद किया. उन्होंने कहा, एसोचैम 1920 में स्थापित किया गया था आज 2020 में एसोचैम में 4.5 लाख लोग शामिल हैं. यह गर्व की बात है कि 100 साल पुरानी एक संस्था एक ही विजन के साथ काम कर रही
है. उन्होंने कहा, यह 100 साल पुराना एक ऐसा वट वृक्ष है जिसकी जड़ें काफी मजबूत हैं और कई आंधी-तूफान और कठिनाइयां झेल कर आज इस मुकाम पर पहुंचा है. उन्होंने कहा, आज के गंभीर समय में पूरा देश एक साथ है. उन्होंने कहा, सभी संस्थानों को अपने सीएसआर फंड शिक्षा में निवेश करने चाहिए क्योंकि यह एक पूंजी है, इससे हमारे देश का भविष्य तैयार होता है.
उन्होंने कहा, एमएचआडी घर-घर तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है और 60 प्रतिशत छात्रों तक पहुंचा भी है. चालीस प्रतिशत छात्र बाकि हैं जो कि रूरल ही नहीं बल्कि अर्बन एरिया के भी हैं. उन्होंने बताया कि आने वाले समय में शिक्षा के 32 चैनल चलाए जाएंगे जो कि 24*7 कार्य करेंगे और छात्रों को टीवी के माध्यम से शिक्षा मिल सकेगी. इसके अलावा जहां टीवी और इंटरनेट की सुविधा नहीं होगी वहां कम्यूनिटी रेडियो की भी मदद ली जाएगी.
उन्होंने इस दौरान सरकार द्वारा चलाए जा रहे ARPIT, SWAYAM PRABHA, YUKTI, SMART INDIA HACKATHON के बारे में चर्चा की. उन्होंने बताया कि, राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन रिसर्च और डेवलप्मेंट में सालाना 20000 करोड़ रुपए निवेश करेगा.

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