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वन विभाग अधिकारियों ने यूनियन की सभी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया

Posted by : pramod goyal on : Monday, 8 June 2020 0 comments
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फरीदाबाद 8 जून डीएफओ फरीदाबाद ने वन विभाग मजदूर यूनियन  को  वार्तालाप  के लिए आमंत्रित किया। यूनियन की  मांगो पर जिला कमेटी के साथ बैठक     सेक्टर 17  के कार्यालय में हुई। वन विभाग के  अधिकारियों ने यूनियन की सभी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। इस मीटिंग में  जिला प्रधान ब्रहम सिंह चंदेला,  वन विभाग मजदूर यूनियन के राज्य उप प्रधान आज़ाद
सिंह,  सीटू के जिला प्रधान निरंतर पराशर, एवम जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह डंगवाल  ने भी भाग लिया।  बैठक   में  आज़ाद सिंह ने   मजदूरों के पक्ष को मजबूती के साथ अधिकारी के सामने रखा। उन्होंने बताया कि मुख्य बन पाल हरियाणा मुख्यालय पंचकूला ने विभाग में ठेकेदारी के कार्यों को पूरा करने के लिए विशेष मानदंड निर्धारित कर रखे हैं। लेकिन अधिकारी इनकी परवाह नहीं करते है। जिसकी वजह से ठेकेदार अपनी मनमर्जी चलाते हैं। और मजदूरों के हितों की अनदेखी होते रहती है। सीटू के जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह डंगवाल ने बताया कि जो श्रमिक अपनी सेवाओं को रेगुलर करवाने के लिए न्यायालय की शरण में गए हैं। उनके लिए कोर्ट के द्वारा ऐसे आदेश नहीं दिए गए की अदालत में जाने वाले मजदूरों को विभाग में काम पर नहीं लिया जाएगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों पर कोर्ट के बहाने से पुराने मजदूरों को काम पर नहीं लगाने का आरोप लगाया। इस दलील को सुनते ही डीएफओ ने पुराने मजदूरों को काम पर लगाने का आश्वासन दिया।इसके अलावा अधिकारी ने श्रम विभाग द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन का भुगतान करने, मजदूरों को पहचान पत्र देने, काम करने के लिए औजार प्रदान करने, ईएसआई और भविष्य निधि की राशि खातों में जमा करने, जिन श्रमिकों का पिछला वेतन बकाया है। उसका भुगतान करने की मांग को भी मान लिया। बकौल डीएफओ किसी भी मजदूर के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने वन विभाग परिसर में अवैध रूप से रह रहे लोगों को भी बाहर निकालने का आश्वासन यूनियन को दिया है। यूनियन ने सुझाव दिया था कि बहुत सारे कर्मचारी  बिना मकान के रह रहे हैं l लेकिन जरूरतमंद कर्मचारियों को मकान तब तक नहीं मिल सकते जब तक उन पर अवैध रूप से रह रहे लोगों के द्वारा खाली नहीं करा दिया जाता है। डीएफओ ने ठेकेदार को श्रम विभाग द्वारा निर्धारित  न्यूनतम मजदूरी 347 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से देने के आदेश जारी कर दिए। उन्होंने कहा कि जिन मजदूरों को विगत में कम मजदूरी दी गई है उनकी बाकी मजदूरी देने के लिए ठेकेदार पूर्ण रूप से जिम्मेदार है। क्योंकि विभाग ने उसको पूरा भुगतान कर रखा है। डीएफओ ने ठेकेदारों से मजदूरों को अपमानित करने का कड़ा नोटिस लेने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जो श्रमिक दिन भर काम करके कमाते हैं यदि उन्हें बिना वजह तंग किया जाता है तो विभाग के अधिकारी ऐसे ठेकेदारों पर लगाम लगाएंगे। डीएफओ ने यूनियन को विश्वास दिलाया कि शीघ्र ही मजदूरों और ठेकेदार की बैठक करवाई जाएगी। इसके बाद यूनियन  को    भी मीटिंग  का समय दिया जाएगा। आज की इस बैठक में कर्मचारी नेता धर्मवीर वैष्णो ने भी भाग लिया।

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