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जे.सी. बोस विश्वविद्यालय करेगा विद्यार्थियों के मोबाइल इंटरनेट डाटा-पैक की अदायगी

Posted by : pramod goyal on : Friday, 24 April 2020 0 comments
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फरीदाबाद, 24 अप्रैल - जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद ने विद्यार्थियों को बड़ी राहत देते हुए उनके मोबाइल इंटरनेट डाटा-पैक शुल्क की अदायगी करने का निर्णय लिया है ताकि इंटरनेट के अभाव में विद्यार्थियों को घर से आनलाइन पढ़ाई जारी रखने तथा शिक्षकों के साथ आनलाइन माध्यमों से जुड़े रहने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। 
यह निर्णय विश्वविद्यालय द्वारा ऑनलाइन कक्षाओं के दौरान ऑनलाइन कनेक्टिविटी की समस्या का सामना कर रहे विद्यार्थियों के व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया
है। निर्णय के अनुसार अब विश्वविद्यालय 149 रुपये की तय सीमा में प्रतिदिन एक जीबी मोबाइल इंटरनेट डाटा-पैक शुल्क की प्रतिपूर्ति करेगा ताकि विद्यार्थियों को ऑनलाइन कक्षाओं में हिस्सा ले सके तथा विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान किये जा रहे ई-लर्निंग संसाधनों तक पहुंच बना सके। विद्यार्थियों केे मोबाइल इंटरनेट डाटा-पैक शुल्क की प्रतिपूर्ति उनकी ट्यूशन फीस में समायोजित करके की जाएगी।
कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण उत्पन्न आपातकाल के दौरान दुनिया भर के शैक्षणिक संस्थान ऑनलाइन लर्निंग की जा रहे है जोकि शिक्षा क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम है। शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे इन बदलावों के अनुरूप जे.सी. बोस विश्वविद्यालय ने ऑनलाइन शिक्षण को बढ़ावा देने के लिए अहम कदम उठाये है, जिसमें विद्यार्थियों को घर से ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखने की सुविधा देते हुए इन-हाउस डिजिटल लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (डीएलएमएस), ई-लाइब्रेरी पोर्टल और मोबाइल ऐप की शुरूआत की गई है। 
कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियोें की शिक्षा को लेकर चिंतित हैं और हर संभव प्रयास किये जा रहे है ताकि विद्यार्थियों को लॉकडाउन अवधि के दौरान किसी भी कठिनाई का सामना न करना पड़े। ऑनलाइन शिक्षण-अध्ययन प्रक्रिया की सफलता के लिए इंटरनेट कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए, विश्वविद्यालय ने अपने विद्यार्थियों को शुरूआत में एक महीने के लिए प्रति दिन एक जीबी तक मुफ्त मोबाइल इंटरनेट डाटा-पैक प्रदान करने का निर्णय लिया है। इस पर विद्यार्थियों से प्रतिक्रिया ली जायेगी, जिसके उपरांत विद्यार्थियों के लिए इस राहत को आगे भी बढ़ाया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय में विभिन्न शिक्षण विभागों में कुल 4200 से अधिक विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे है।

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