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विधानसभा चुनाव में खट्टर की राह कितनी आसान ------------------!

Posted by : pramod goyal on : Saturday, 21 September 2019 0 comments
pramod goyal
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नई दिल्ली: 
हरियाणा में विधानसभा चुनाव का ऐलान हो चुका है. 90 सीटों वाली हरियाणा विधानसभा के चुनाव के लिए 21 अक्टूबर को मतदान होगा और नतीजे 24 अक्टूबर को आएंगे. साल 2014 में 'मोदी लहर' पर सवार होकर 47 सीटें जीतकर बीजेपी ने राज्य में पहली बार अपने दम पर सरकार बनाई थी और कांग्रेस को 15 सीटें मिली थीं. आईएनएलडी को इस चुनाव में 19 सीटें मिली थीं. बाकी सीटे निर्दलीय प्रत्याशियों और स्थानीय पार्टियों ने जीती थीं. माना जा रहा है था कि बीजेपी भी यहां भी किसी जाट नेता को राज्य की कमान देगी लेकिन सबको चौंकाते हुए पार्टी ने मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री बना दिया. आरएसएस की पृष्ठभूमि से मनोहर लाल खट्टर को राज्य की राजनीति में एकदम नए चेहरे थे. उनके सीएम बनने के बाद से कई विवाद भी हुए. लेकिन सबसे बड़ी चुनौती जाट आरक्षण आंदोलन बनकर आया. इस दौरान हुई हिंसा के बाद कई मौके ऐसे भी जब मनोहर लाल को सीएम पद से हटा ने की भी मांग शुरू हो गई. लेकिन इन  सब से पार होते हुए मनोहर लाल खट्टर अपनी कुर्सी पर जमे रहे. इसके बाद साल 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने शानदार जीत दर्ज की. लेकिन यहां एक बात यह ध्यान रखना होगा कि लोकसभा चुनाव में मुद्दे राष्ट्रवाद, बालाकोट और पीएम मोदी का चेहरा था. जबकि विधानसभा चुनाव में मुद्दे एकदम अलग हैं. यही वजह है कि मनोहर लाल खट्टर चुनाव से पहले ही असम की तर्ज पर हरियाणा में एनआरसी लागू करने का मुद्दा उठा रहे हैं. 

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