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लम्बित मांगो के प्रति घोर उपेक्षापूर्ण रवैये के खिलाफ बिजली कर्मचारियों ने आक्रोश प्रदर्शन किया

Posted by : pramod goyal on : Thursday, 25 July 2019 0 comments
pramod goyal
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फरीदाबाद, 25 जुलाई: प्रसारण निगम से सरप्लस हुए कर्मचारियों को समायोजित न करने और अपने चहेतों को नौकरी लगाने के लिए दर्जनों अनुबंध कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त करने तथा कर्मचारियों की लम्बित मांगो के प्रति घोर उपेक्षापूर्ण रवैये के खिलाफ बिजली कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को सैक्टर-23 स्थित सर्कल कार्यालय पर आक्रोश प्रदर्शन किया। सर्कल सचिव अशोक कुमार व रामचरण पुष्कर की
अध्यक्षता में आयोजित इस प्रदर्शन में बल्लभगढ़, एनआईटी, ओल्ड व ग्रेटर फरीदाबाद डिविजनों के अधीनस्थ सब-डिविजनों के भारी संख्या में कर्मचारियों ने भाग लिया। पूर्व नोटिस के बावजूद अधीक्षण अभियंता प्रदीप चौहान कार्यालय में नहीं आए, जिसके कारण कर्मचारियों का गुस्सा और बढ़ गया तथा उन्होंने एसई के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव सुभाष लाम्बा, ऑल हरियाणा पॉवर कॉरपोरेशन यूनियन के उपप्रधान सतपाल नरवत, केन्द्रीय कमेटी सदस्य शब्बीर अहमद व मनेाज जाखड़ उपस्थित रहे।
यूनियन ने आन्दोलन तेज करने की घोषणा करते हुए कहा कि 29 जुलाई से एचवीपीएन से सरप्लस हुए 43 आऊटसोर्स कर्मचारी सर्कल कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे। 29 जुलाई को ही ओल्ड व एनआईटी फरीदाबाद तथा 1 अगस्त को बल्लभगढ़ एवं 5 अगस्त को ग्रेटर फरीदाबाद डिविजनों में विरोध गेट मीटिंगें आयोजित की जाएंगी। इसके बावजूद अधीक्षण अभियंता ने निलंबित किए गए कैशियर सुभाष चन्द प्रसाद को बहाल नहीं किया और नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों को वापिस लेते हुए हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम से सरप्लस हुए कर्मचारियों को समायोजित नहीं किया तो, 6 अगस्त को सर्कल कार्यालय पर पुन: आक्रोश प्रदर्शन किया जाएगा।
बिजली कर्मचारी नेताओं ने प्रदर्शन को सम्बोधित करते हुए कहा कि अधीक्षण अभियंता अपने नजदीकियों को लगाने के लिए 8-10 वर्षों से कार्यरत अनुबंध कर्मचारियों को नौकरी से बाहर कर रहे हैं। उन्होंने निगमों के चेयरमैन शत्रुजीत कपूर से पिछले 3 महीने में नौकरी से बर्खास्त किए गए कर्मचारियों की जगह लगे नए कर्मचारी किसके नजदीकी एवं रिश्तेदार हैं, इसकी जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि 89 दिन के लिए भी जो कर्मचारी लगाए हैं, उनमें अधिकतर एक इलाके विशेष से ही लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि 1 जुलाई, 2019 से नए भर्ती हुए जीएसए की ज्वाइनिंग के बाद प्रसारण निगम ने 43 जीएसए को सरप्लस कर अधीक्षण अभियंता को पत्र लिखकर एडजस्ट करने को कहा हुआ है, लेकिन उन्होंने अभी तक न तो इन कर्मचारियों को समायोजित किया है और न ही पत्र का कोई जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि एनएच 4 सब डिविजन से सुभाष चन्द प्रसाद कैशियर को बिना जांच के निलंबित कर दिया गया है। लेकिन एनएच 4 सब डिविजन के एसडीओ को बराबर का जिम्मेदार होते हुए भी कोई कार्यवाही नहीं की गई है। उन्होंने अधीक्षण अभियंता एवं कार्यकारी अभियंताओं पर आरोप लगाया कि यह अधिकारी जूनियर इंजीनियरों पर डैेमेज हुए ट्रांसफार्मरों को डैमेज दिखाने की बजाय अपने खर्चे पर रिपेयर करने का लगातार दबाव बनाए हुए हैं, जो जूनियर इंजीनियर व सुपरवाईजर ऐसा नहीं करते, तो इनकी प्रताडऩा का शिकार होना पड़ता है। नेताओं ने आरोप लगाया कि सर्कल में बड़े-बड़े डिफाल्टरो के यहां बगैर डिफाल्टिंग अमाउंट वसूल किए नए कनैक्शन देकर निगम को चूना लगाया जा रहा है, जिसकी शिकायत भी सीएमडी को की जाएगी। प्रदर्शन को रमेश तेवतिया, कृष्ण कुमार, कर्मचन्द नागर, करतार सिंह, भूप सिंह, गिरीश कुमार, कुलबीर राठी, सतीश छाबड़ी, अरशद अयूब, रत्तीराम, राम भरोसे, सुरेन्द्र शर्मा, डिगम्बर सिंह, दिनेश शर्मा, रघबीर चौटाला, सुबोध कुमार, अशरफ, संजय राठौर, टेकराम, राकेश चिंडालिया व दर्शन सिंह सोया आदि ने सम्बोधित किया।

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